लक्षण:-
थोड़ी सी मेहनत करने पर ही हांफने लगना।
शरीर मे कमजोरी व आलस्य रहना।
अधिक पसीना व अधिक भूख लगना।
शरीर से दुर्गन्ध आना, शरीर मे थुलथुलापन होना व स्फूर्ति न होना।
कारण:-
अधिक चर्बीयुक्त वाले भोजन का प्रयोग, अधिक मीठा खाने से मोटापा बढ़ता है।
शारीरिक व्यायाम व शारीरिक परिश्रम न करना।
बार-बार खाने व अत्यधिक भोजन करने से भी मोटापा बढ़ता है।
हार्मोन की गडबडी जैसे थाइरॉइड ग्रन्थि के स्त्राव में असंतुलन होने से भी मोटापा बढ़ जाता है।
उपचार:-
मोटापे को नियन्त्रित करने में योगाभ्यास अत्यन्त प्रभावकारी है। अतः कम से कम 1या 2 घन्टे का योगाभ्यास अवश्य करें।
योगासन के अंतर्गत ताड़ासन, कटिचक्रासन, भुजंगासन, पादहस्तासन, पश्चिमोत्तानासन, हलासन,उत्तनापादासन सर्वांगासन धनुरासन व सूर्यनमस्कार आदि अभ्यासों को शामिल करें।
अधिक लाभ के लिये कुंजल क्रिया व सनखप्रखसालन आदि क्रियाओ का अभ्यास किसी योग्य योग शिक्षक से सीखकर करना चाहिये।
प्राणयाम में भस्त्रिका व कपालभाति आदि जा अभ्यास करें।
सप्ताह में एक उपवास जरूर करें।
अपथ्य:-
चर्बीयुक्त पदार्थो जा सेवन जैसे चावल , दूध, मिठाइयां,दूध से बने पदार्थ, रिफाइन्ड आदि ।
माँसाहार व मदिरा आदि के सेवन से बचे।
दिन में अधिक न सोयें व बाज़ारी चीजो का सेवन न करें।
पथ्य:-
कच्ची सब्जिया व सलाद का प्रयोग नियमित करें।
फल व सब्जियों का सूप पीने की आदत डालें।
ताज़ा व सुपाच्य भोजन करें।





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